आप जैसा नहीं कोई संसार में
आसमान से उतर कर हमारे लिए
तुम सहारा बने मेरा प्यार में
खुल्द की तुम नहीं हो मैं क्यों मांन लूं
कुछ भी सच्चाई हो मैं क्यों जान लूं
तेरा पूजा न छोडू चाहे जो हो सजा
कुफ्र हो जाएगा मेरे इनकार में
हां पता था बहारें ठहरतीं नहीं
इस तरह की भी न उम्मीद थी
सुबह शाम बस इक झलक देखना
यकीं मानो हमारे लिए ईद थी
मान अपना हमारा बसा प्रान है
पायलों की तेरे इन झन्कार में
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